MY GANAPATI AND ME!

HI FRIENDS!

RECENTLY I HAVE DRAWN COUPLE OF  PICTURES OF GANAPATI FOR MY SCHOOL! I AM SHARING THE SAME WITH YOU ALL… PLEASE DO LET ME KNOW HOW DO YOU FIND THEM THANK YOU!

My Ganapati!

my ganapati 2

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Flower vase

Hi all!!

Please have a look at one of my paintings. I love painting and I have created many such paintings till date. I will be uploading them here one by one. I would be happy to read your comments on my paintings.  Thank you all.

मदत (कविता)

जंगल में एक रहता बंदर,

कूदता पानी के अंदर|

शेतानी तो बहुत करता,

पर शेर से बहुत डरता|

एक दिन बंदर दुखी था,

याद आ रही थी उसकी मां|

तब एक हाथी आया,

केला एक लाया|

जब हाथी, केला खाने गया तो,

देखा उस दुखी बंदर को|

जब हाथी ने पूछा,

तो बंदर कुछ न बोला,

पर उसने अपना डिब्बा खोला|

उसमें था एक सोने का सिक्का,

पर अब गायब था वो सिक्का|

दोनो ने मिलकर ढूंढा,

पर वो सिक्का कही न मिला|

तब हाथी को याद आया की

दूसरे पेड़ पर तो देखा ही नहीं|

जब हाथी ने पेड़ पर देखा,

तब वो सिक्का था डाली पर|

बंदर ने धन्यवाद कहा,

तब वो हाथी चल पडा वहां|

–  नक्षत्र शाह

MY ANCHORING SPEECH AT THE SCHOOL FUNCTION

Hello all!!

I was selected to anchor my school’s STORY TELLING COMPETITION IN HINDI. The competition was held on Friday, 23 July 2010. Here I present my anchoring speech. Do read it and leave your comments. Thanks!!

आदरणीय प्रधानाचार्याजी, शिक्षकगण और मेरे प्यारे मित्रों| आप सब को मेरा नमस्कार| आज हमारे उपस्थित होने का मुख्य उदेश्य है कि कुछ सिखना जो हम कहानी के माध्यम से करेंगे| कहानी भाषा कि वह शक्ति है जो इन्सान को जीने कि कला और कुछ बनने की चाह दिखाती है|

“कह नानी, कह नानी,

कहते कहते बनी कहानी”

तो आइये आज इसी उदेश्य को परिपूर्ण करने के लिये बुलाते हैं,” केविन शाह|”

धन्यवाद केविन

सुना और समझा आपने कि अपने हक को कैसे लिया जाता हैं?|

अब आ रही हैं “आशना शाह” जो हमें कहानी के माध्यम से अच्छे और बुरे की पहचान कराऐंगी|

धन्यवाद आशना

गोपियों को मोहित करने के लिये कृष्ण भगवान बांसुरी बजाते थे| ऐसे ही चूहों और बच्चों को मोहित करता है बांसुरीवाला|

तो आए सुनते हैं बांसुरीवाले की कहानी “मेहता मिली” के शब्दों में|

धन्यवाद मिली

अब कहानी की रोचकता को बढाते हुऐ “शाह जस” सुरकन्या, एक चिडिया की कहानी सुनाऐंगे|

धन्यवाद जस

अब हमारे सामने “रन्का सय्यम” तीन पुतलियों की कहानी सुनाऐंगे|

धन्यवाद सय्यम…..

आप को पता है जानवरों में सबसे तेज़ खरगोश भागता है और बहुत चतूर भी होता है तो हमें खरगोश की चतूराई बताते हुऐ “शाह मोक्षा” कहानी सुनाऐंगी|

धन्यवाद मोक्षा

अब अगले जानवर की कहानी आ रही है “मेहता देवांशी|”

धन्यवाद देवांशी

दीप छोटा सा होकर भी हमें रोशन करता है, तो इसी दीप की कहानी आ रहें है “उपध्या श्लोक|”

धन्यवाद श्लोक…..

अब चालाक चिडिया की कहानी सुनाने आ रही है “सलोत श्रुति|”

धन्यवाद श्रुति

आपने अभी सुना की चिडिया चालाक होती है, पर क्या मुर्गा चालाक होता है? हां, मुर्गा भी चालाक होता है| तो चालाक मुर्गे की कहानी सुनाने आ रहीं है,”शाह अचीरा|”

धन्यवाद अचीरा

आप को पता है, लालच का फल सदा ही बुरा होता है| हमें कभी भी लालच नही करनी चाहिये| यह सिख देने आ रही है, “शाह ईशा|”

धन्यवाद ईशा

पानी जीवन के लिये अनिवार्य है| अगर पानी न हो तो जीवन न हो| इसी पानी के महत्व को समजाने के लिये “सिंघानिया द्रष्टि” प्यासा कौआ की कहानी सुनाऐंगी|

धन्यवाद द्रष्टि

अब मैं “अचीरा” से कहता हूं कि वे आकर जजसाहेबा को धन्यवाद करें और उन्हें हम सब की तरफ़ से उनका तोहफा उन्हें दें|

अब मैं जजसाहेबा से कहता हूं कि वे स्टेज पर आकर दो शब्द कहकर जाए|

अंत में मैं प्रधानाचार्याजी को धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने अपना अनमोल समय हमें दिया| और मैं अपने सहपाठीयों को भी धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने कहानी के माध्यम से हमें अनेक प्रकार की सीख दी… धन्यवाद…

जय हिंद , जय भारत